रेल कनेक्टिविटी भानुप्रतापपुर क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी : डॉ. रमन सिंह

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पखांजूर में निर्माणधीन 132 के.वी. क्षमता का विद्युत उपकेन्द्र 20 सितंबर को चार्ज होगा
क्षेत्र के 222 गांवों में कम वोल्टेज की समस्या का होगा समाधान
भानुप्रतापपुर में अमर शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापित करने 15 लाख रुपए की मंजूरी
तालाब सौदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपए की स्वीकृति
एक लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को 99.71 करोड़ का बोनस
रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि रेल कनेक्टिविटी भानुप्रतापपुर क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि अभी भानुप्रतापपुर तक रेल परिचालन शुरू हुआ है, वह दिन दूर नहीं जब भानुप्रतापपुर से रावघाट और जगदलपुर तक रेल चलेगी। उन्होंने कहा कि भानुप्रतापपुर के दोनों तरफ दुर्ग तक और जगदलपुर तक रेल लाइन बिछाने के कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। इस रेल लाइन के शुरू होने से उद्योग धंधों के साथ रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री आज प्रदेश व्यापी अटल विकास यात्रा के दौरान कांकेर जिले की विकासखंड मुख्यालय भानुप्रतापपुर में आयोजित एक विशाल आमसभा को संबोधित कर रहे थे। डॉ. सिंह ने इस अवसर पर भानुप्रतापपुर में अमर शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापित करने के लिए 15 लाख रुपए और भानुप्रतापपुर के तालाब सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपए की स्वीकृति की घोषणा की। डॉ. सिंह ने कहा कि पखांजूर में निर्मित हो रहा 132 केव्ही क्षमता का विद्युत उपकेंद्र इस माह की 20 तारीख को चार्ज होगा। लगभग 90 करोड रुपए की लागत से बन रहे इस विद्युत उप केंद्र से आसपास के 222 गांव में कम वोल्टेज की समस्या का समाधान होगा।
डॉ. सिंह ने आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांकेर जिला प्रदेश का सर्वाधिक तेंदूपत्ता उत्पादन करने वाला जिला है, यहां एक लाख चार हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को 99 करोड़ 71 लाख रूपए का तेंदूपत्ता बोनस दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्राहकों को 750 करोड़ रुपए का बोनस दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लगभग 68 करोड़ 35 लाख रुपए की लागत के 32 विभिन्न निर्माण कार्योंं का लोकार्पण, भूमि पूजन और शिलान्यास किया। उन्होंने आमसभा में दो लाख 16 हजार से अधिक हितग्राहियों को 101 करोड़ 55 लाख रुपए की सामग्री और सहायता राशि का वितरण किया। उन्होंने जिले के एक लाख चार हजार से अधिक तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 99 करोड़ 71 लाख रूपए का तेन्दूपत्ता बोनस वितरित किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भूमकाल के महानायक गुंडाधूर, परलकोट के शहीद गेंद सिंह, इंदरु केवट, पंडित विष्णु प्रसाद शर्मा और श्री रामप्रसाद पोटाई को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि भानुप्रतापपुर में आज 40 बहनों को अनुदान पर ई-रिक्शे दिए जा रहे हैं, परिवहन का काम बहनों के हाथों पर आना एक बड़े परिवर्तन का संकेत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने गरीबों और किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली योजनाएं प्रारंभ की हैं, जिनका लाभ इन परिवारों को मिल रहा है और उनके जीवन में खुशहाली आ रही है। डॉ. सिंह ने कहा कि एक नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को प्रति क्विंटल धान की किस्म के अनुसार 2050 से 2070 रुपए की राशि सीधे उनके खाते में जमा होगी। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने धान के समर्थन मूल्य में एकमुश्त 200 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की है, इसमें राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे धान के बोनस की राशि तीन सौ रुपए शामिल करने पर किसानों को प्रति क्विंटल 2050 और 2070 की राशि मिलेगी। उन्होंने सहकारी बैंकों से खेती किसानी के लिए बिना ब्याज के दिए जा रहे ऋण, सौभाग्य योजना के तहत घर-घर दिए जा रहे बिजली कनेक्शन, कृषक जीवन योजना के तहत किसानों के सिंचाई पंप के लिए दी जा रही मुफ्त बिजली, सिंचाई पंपों को बिजली कनेक्शन देने के लिए दिए जा रहे एक लाख रुपए के अनुदान जैसी किसान हितैषी योजनाओं का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत प्रदेश के 55 लाख परिवारों को 50 हजार रुपए तक नि:शुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना में गरीब परिवारों को पांच लाख तक नि:शुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी।
डॉ. सिंह ने कहा – प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत वर्तमान में ग्यारह हजार पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। वर्ष 2022 तक सभी गरीब परिवारों को पक्के मकान दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिले में संचार क्रांति योजना के अंतर्गत 42 हजार से ज्यादा बहनों को मोबाइल स्मार्टफोन दिए जा रहे हैं। डॉ. सिंह ने कहा कि आज किसानों के चेहरे में पर खुशी दिख रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को तेंदूपत्ता बोनस मिल रहा है, धान बोनस देने की तैयारी है और इस वर्ष अच्छी बारिश होने से फसल भी अच्छी होगी। आने वाला समय प्रदेश की तरक्की और विकास का वर्ष होगा। उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर मक्के की खरीदी पर 275 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। डॉ. सिंह ने कांकेर जिले के कोरर नगर पंचायत में आबादी पट्टा वितरण में आ रही दिक्कतों को दूर कराने का आश्वासन भी दिया। विकास यात्रा के संबंध में उन्होंने कहा कि यह यात्रा जनता के भरोसे और प्रदेश के विकास की यात्रा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 तक हम नये छत्तीसगढ़ निर्माण के सपने को साकार करेंगे।
इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री विक्रम उसेंडी, बस्तर एवं दक्षिण आदिवासी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री भोज राज नाग, पूर्व विधायक श्री देवलाल दुग्गा और श्रीमती सुमित्रा मारकोलेे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और लगभग 50 हजार की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। डॉ. सिंह ने भानुप्रतापपुर में जिन कार्योंं का भूमि पूजन किया, उनमें पूर्व में लगभग 21 करोड़ 73 लाख रुपए की लागत से भानुप्रतापपुर-साल्हे-भोथा मार्ग पर 18 पुलिया और 4 मध्यम पुलों के निर्माण का कार्य, लगभग 7 करोड़ 42 लाख रुपए की लागत से कापसी – पखांजूर मार्ग पर त्रास नाला पर सेतू निर्माण, लगभग 9 करोड़ 33 लाख की लागत की चारामा की नल जल आवर्धन योजना, लगभग 5 करोड़ 98 लाख रूपए की लागत से पीढ़ापाल-मुरा गांव मार्ग पर वृहत पुलिया निर्माण, पांच करोड़ 25 लाख रूपए की लागत से ब्रम्हचार्य पारा से अलोर मार्ग पर देवधा नदी पर सेतू निर्माण कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने जिन कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें एक करोड़ 40 लाख रूपए की लागत से भानुप्रतापपुर के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, एक करोड़ 97 लाख रुपए की लागत से जामगांव में निर्मित 33/11 केव्ही क्षमता का विद्युत उपकेंद्र, लगभग दो करोड़ 40 लाख की लागत से गोंडाहुर में निर्मित 33/11 केव्ही क्षमता का विद्युत उपकेंद्र, 95 लाख 35 हजार की लागत से नरहर विकासखंड के भनसुली स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का भवन, इतनी ही लागत से सरोना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नवनिर्मित भवन, 48 लाख 37 हजार की लागत से दूधनदी कॉलोनी कांकेर में निर्मित डूप्लेक्स कर्मचारी आवास और ग्राम हल्बा में 10 लाख की लागत से निर्मित व्यावसायिक परिसर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने आम सभा में 2 लाख 16 हजार से अधिक हितग्राहियों को 101 करोड़ 55 लाख रूपए की सामग्री और सहायता राशि वितरित की। संचार क्रांति योजना के अंतर्गत 43 हजार 229 महिलाओं को स्मार्टफोन वितरण की शुरुआत और 67 हजार 464 तेंदूपत्ता संग्राहकों को चरण पादुका, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन, सौर सुजला योजना में सोलर सिंचाई पंप, सौभाग्य योजना के अंतर्गत 3 पंचायतों को पूर्ण विद्युतीकृत ग्राम पंचायतों का प्रमाण पत्र वितरित किया।