भागीरथी योजना से नल लेने वालों से 5000 रूपये की कर वृध्दि वसूली जा रही

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रायपुर। वार्ड 65 सुधीर मुखर्जी जोन-5, रायपुरनगर निगम के पूर्व शिक्षा समिति पूर्व अध्यक्ष पार्षद गोवर्धनशर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुये बताया कि इस वर्ष आई एस सर्वे द्वार तैयार किया गये यूनिक मकान कोड का सर्वे रायपुर नगरनिगम के वार्डो मे प्राईवेट संस्था दूवारा गैर अनुभवी लड़कों द्वारा कराया जा रहा है, जिसमें बहुत ज्यादा अनियमितताएं देखी जा रही है। आई एस सर्वे दूवारा वार्ड के गरीबो व माध्यम वर्ग परिवार को एस वर्ष एकाएक अध्यात्मिक रूप से टेक्स मे वृद्धि कर दी गई ,जिससे गरीबी रेखा के नीचे ने वाले मध्यम वर्ग के परिवार ने शासन व् निगम के प्रति रोष ब्याप्त है। आई एस सर्वे करने वालों से पूछा गया तो,उन्होंने बताया कि उनके घरो के सटर लगे है या आवास के साथ सह आवास याने कि अपने अपने घरो मे किराना दुकान, स्टेशनरी, रेडीमेट कपडे कि दुकान कि व अन्य दुकानों के प्रकरढो जिसमे ब्यवसाय हेतु अतिरिक्त जल कि खपत नही होती है। वहा निगम के दूवारा जल टेक्स के रूप मे 200 से 300 प्रतिशत वृध्दि करके टेक्स कि रसीदें पकड़ा दी गई ,जो कि गरीब के साथ अन्याय है। शर्मा ने आगे बताया कि नगरीय प्रसासन विभाग दूवारा एक आदेश पत्र निगम अगस्त 2012 मे आया था कि, जिसमे स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया था कि आवास मेें कोई किराना दुकान, स्टेशनरी या कपड़ा दुकान आदि खोलता है ,तो वह आवसीय दर पर ही जल कर की टेक्स कि वसूली न कि जावे। इसके विपरीत प्राईवेट संस्था दूवारा सिर्फ सटर देख कर जल क्र मे 200 से 300 प्रतिशत डॉ कि वृद्धि करना ,छ ग शासन के निर्देश को उपहास उड़ाना जैसा हो गया है। इस सर्वे में सबसे बड़ी त्रुटि जो सामने आई है वह यह है कि भागीरथी जल कर योजना के अंतर बीपीएल कार्ड धारियों से भी 4500 टेक्स वसूली की रसीदें पकड़ा दी गई है। जिसका विरोध पार्षद ने विगत दिनों अपने वार्ड मे एक शिविर का आयोजन कर किया था। बढ़े हुये दर से की गई टैक्स वृध्दि से हितग्राही परेशान है। ज्ञातव्य है कि शहर में ही अनेक वाडों में स्थित पाश कालोनियों में आवासीय दर पर नर्सिंग होम एवं अन्य व्यवसाय खुले आम चलाये जा रहे है। जबकि कार्यवाही सिर्फ बीपीएल आवासियों के खिलाफ ही की जा रही है। बाजार दर पर वसूली नहीं होने से जहां निगम की राजस्व आय में कमी आई है वहीं रिहाईशी इलाकों में मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया के मापदंडों के विपरीत थोक के भाव में खुले अस्पताल मेडिकल वेस्ट के जरिये शहर में संक्रमण फैला रहे है। जिनके खिलाफ गोवर्धन शर्मा के अनुसार आज दिनांक तक निगम के आयुक्त, महापौर एवं जोन आयुक्तों द्वारा दंडात्मक कार्यवाही नहीं कर निगम के अमले द्वारा जल कर वसूली में पक्षपात किया जा रहा है।