शांति और आपसी भाईचारा है भारतीय संस्कृति की नींव : मुख्यमंत्री कमल नाथ

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00 हज यात्रियों के कुरआ अंदाजी में शामिल हुए मुख्यमंत्री
भोपाल : मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि आपसी एकता, साम्प्रदायिक शांति और भाईचारा ही भारतीय संस्कृति की नींव है। उन्होंने कहा कि विश्व में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जहां इतनी विशाल विविधतायें हैं। जातियाँ, भाषाएँ, तीज त्यौहार हैं। इनके बावजूद आपस में एकता है। मुख्यमंत्री आज यहां ताज-उल मस्जिद प्रांगण में हज यात्रियों के कुरआ अंदाजी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद हज जाने वाले श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय समाज में भिन्नताएँ होने के बावजूद भारत देश तिरंगे के नीचे एकता में बंधा खड़ा है। उन्होंने कहा कि विश्व भारत की सिर्फ आर्थिक शक्ति का नहीं बल्कि यहां की अनेकता में एकता, भाईचारा और शांति जैसे मूल्यों का प्रशंसक है। विश्व में यही भारत की पहचान है। उन्होंने कहा कि भारत के कई भागों से मुस्लिम भाई हज जायेंगे और जब वहां मिलेंगे तो खुद को भारतीय कहेंगे। एकता की यह भावना ही भारतीय संस्कृति को मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि हमारी इस पहचान पर हमला करने का प्रयास किया जाता है लेकिन हमारा स्वभाव ऐसा है कि हमारी नीयत में कभी खोट नहीं आती। मुख्यमंत्री ने हज जा रहे सभी श्रद्धालुओं को बधाई और शुभकामनाएं दी और उनके लिये दुआ की। उन्होंने कहा कि हज के लिये सीधी हवाई सेवा शुरू करवाने का पूरा प्रयास किया जायेगा। केन्द्र सरकार से भी आग्रह करेंगे। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आरिफ अकील ने भोपाल से हज के लिये सीधे हवाई सेवा की आवश्यकता बताते हुए कहा कि जितने लोग हज पर जाना चाहते हैं उन्हें मौका मिलना चाहिये। कार्यक्रम में हजरत सिराजुल हसन, मुफ्ती अबुल कलाम, काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी, काजी इशरत अली इंदौर, नायब काजी बावर हसन, काजी रियाज अहमद, कारी अब्दुल हफीज, कारी जसीम दाद, मुफ्ती रईस अहमद, विभिन्न जिलों के काजी और हज जाने के लिये आवेदक उपस्थित थे।