अतिसंवेदनशील क्षेत्र कोयलीबेड़ा के कार्यालयों व संस्थाओं का कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण

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00 प्रत्येक शुक्रवार को जिला स्तरीय अधिकारियों को कोयलीबेड़ा पहुंचने के निर्देश
उत्तर बस्तर कांकेर। कलेक्टर रानू साहू एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री ऋचा प्रकाश चैधरी ने शुक्रवार को जिले के अतिसंवेदनशील क्षेत्र कोयलीबेड़ा पहुंचकर शासकीय दफ्तरों एवं शैक्षणिक संस्थाओं तथा अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। आदर्श बालक छात्रावास के अधीक्षक महेन्द्र जुर्री के अनुपस्थित रहने पर उनका वेतन रोकने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए। कन्या प्राथमिक आश्रम की साफ-सफाई तथा बच्चों की बढ़िया देखभाल से कलेक्टर रानू साहू बेहद खुश हुए तथा छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती मनोत्री ध्रुवा की जमकर तारीफ की। कन्या आश्रम में वर्तमान में 115 बच्चें निवासरत हैं, जिनका बढ़िया देखभाल व शिक्षा की व्यवस्था की गई है। इस आश्रम के बालिकाओं ने गोड़ी बोली में ’’रेला’’ गीत गाकर कलेक्टर का स्वागत किया। कलेक्टर रानू साहू एवं जिला पंचायत सीईओ. सुश्री ऋचा प्रकाश चैधरी ने आज कोयलीबेड़ा पहंुचकर जनपद पंचायत कार्यालय, उप तहसील कार्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, पोषण पुनर्वास केन्द्र, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, आदर्श बालक छात्रावास, प्री मैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास, कन्या प्राथमिक आश्रम का आकस्मिक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने जनपद पंचायत कार्यालय में महिला स्व सहायता समूह के सदस्य महिलाओं से चर्चा की, जिन्होंने बैक खाता खोलने में हो रही दिक्कतों से अवगत कराया, जिसका समाधान करने के निर्देश जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश कुमार भारद्वाज को दिए गये। उप तहसील कार्यालय में कलेक्टर ने दायरा पंजी, नामांतरण पंजी का अवलोकन किया तथा सभी प्रकरणों को पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए, साथ ही लोकसेवागारंटी अधिनियम के प्रावधानो के अनुसार प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने यहां पर पटवारियों से भी बातचीत की एवं समय सीमा में नामांतरण, बंटवारा के प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए। नक्शा-खसरा को भूंईया कार्यक्रम में दर्ज करने की जानकारी ली। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कलेक्टर द्वारा अन्तःरोगी कक्ष में भर्ती मरीजों से बातचीत की गई। ग्राम बरपारा के धनीराम एवं ग्राम बदरंेगा के श्रीमती महेश्वरी से अस्पताल में उपचार के संबंध में पूछताछ किया। उनसे कलेक्टर ने पूछा कि अस्पताल में दवाई के लिए पैंसा तो नहीं लिया जाता ? भोजन ठीक से मिलता है या नहीं? उनके द्वारा अस्पताल के प्रसव रजिस्टर का अवलोकन किया गया एवं पाटोग्राफ भरने की जानकारी ली गई। बीएमओ डाॅ. एन.आर. नवरत्न ने उन्हे अस्पताल की व्यवस्थाओं से अवगत कराया। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने कोयलीबेड़ा के पोषण पुनर्वास केन्द्र का भी निरीक्षण किया। इस केन्द्र में 10 गंभीर कुपोषित बच्चों को भर्ती कर देख-रेख किया जा रहा है। कुपोषित बच्चों की माताओ से चर्चा करते हुए उन्हंे बच्चों को अच्छा भोजन खिलाने के लिए प्रोत्साहित किया। उनके द्वारा पोषण पुनर्वास केन्द्र का बाऊड्रीवाल बनाने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन को निर्देश दिए गए। आदर्श बालक छात्रावास के निरीक्षण के समय अधीक्षक श्री महेन्द्र जुर्री अनुपस्थित पाए गये, जिनका वेतन रोकने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए। बालक छात्रावास के लिए शौचालय का निर्माण करने हेतु मुख्य कार्यपालन को निर्देशित किया गया। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने उच्चतर माध्यमिक शाला कोयलीबेड़ा के छात्र छात्राओं से बातचीत की गई एवं उनके शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में पूछताछ किया गया। छात्रछात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए उन्होने कहा कि शिक्षा से ही जीवन में बदलाव लाया जा सकता है, इसलिए मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने लक्ष्य को हासिल करें। संस्था के प्रार्चाय को निर्देशित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों के शिक्षा स्तर को ऊपर उठाने के लिए विशेष ध्यान दिया जाए। कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने प्री एवं पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास तथा प्राथमिक कन्या आश्रम का भी निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास में बाथरूम की आवश्यकता बताई गई, जिसका समाधान करने के लिए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन को निर्देश दिए गए। कन्या प्राथमिक आश्रम की व्यवस्था से कलेक्टर बेहद खुश हुए तथा अधिक्षिका के कार्यों की प्रशंसा की। कलेक्टर ने छात्रावास/आश्रम के लिए दो बोर स्थापित करने तथा कन्या आश्रम के बाऊड्रीवाल बनाने हेतु जनपद सीईओं प्रकाश भारद्वाज को निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान पश्चिम भानुप्रतापपुर के वनमण्डलाधिकारी प्रभात मिश्रा भी मौजूद थे।
जिला अधिकारियों को प्रति शुक्रवार कोयलीबेड़ा पहंुचने के निर्देश
शासकीय कार्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थाओं के निरीक्षण पश्चात कलेक्टर ने जनपद पंचायत कार्यालय मे जिला स्तरीय अधिकारियों तथा क्षेंत्र के सरपंचों एवं ग्राम पंचायत सचिवों की बैठक लेकर स्वीकृत कार्यो एवं उनमें प्रगति की समीक्षा किया। महात्मागांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत अधिक से अधिक कार्य प्रारंभ कर लोगांे को रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रत्येक शुक्रवार को कोयलीबेड़ा पहंुचकर विकास कार्यो की समीक्षा कर लोगो की समस्याओं का समाधान करने एवं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से क्षेत्र के ग्रामीणों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कोयलीबेड़ा क्षेत्र में स्वीकृत प्रधानमंत्री सड़क के निर्माण में तेजी लाने के लिए कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया।
बैठक में जिला पंचायत सदस्या सुश्री शांता नुरूटी, पखांजूर एस.डी.एम श्रीमती निशा नेताम, अंतागढ़ के एस.डी.एम सी.एल ओंटी, क्षेत्र के समस्त सरपंच सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।