एनडीआरएफ द्वारा दी गई आपदा प्रबंधन के बारे में जानकारी

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दुर्ग । जिले के विकासखण्ड मुख्यालय धमधा स्थित जनपद पंचायत कार्यालय में आज एनडीआरएफ की टीम के द्वारा पंचायत सचिव/रोजगार सहायक, करारोपण अधिकारी को आपदा प्रबध्ंान के बारे में विस्तार से जानकारी दिया गया। जनपद सीईओ से मिली जानकारी अनुसरा एनडीआरएफ टीम के द्वारा दुर्घटना की स्थिति में तत्काल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने, हृदय गति रूकने पर सीपीआर के द्वारा कैसे पुनः जीवित करने के संबंध में टीम के सदस्यों ने अवगत कराया। उन्होंने यह भी बताया कि बाढ़ की स्थिति में बिजली, गैस सिलेण्डर बंद करना है। खाली बाटल को 10-20 नग बांधकर लाईफ जाकेट बनाने का तरीका बताया गया। सर्प काटने की स्थिति में दो या एक दांत का निशान है तो वह जहरीला सर्प है। इससे अधिक दांत है तो वह जहरीला सर्प नहीं है। सर्प काटने की स्थिति में एंटी डाट सीरप देना, व्यक्ति को घुमने नहीं देगा, खाने पीने एवं सोन नहीं देना, मन से डर को निकालना, प्राथमिक उपचार-पानी से धोना, पतला धागा लेकर घांव को रगड़ना, सिरिंज को सामने काटने के बाद घांव से लगाकर खून को खिंचना तथा तत्काल एमबुलेंस को फोन करना आदि जानकारी दिए गए। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन दल द्वारा आयोजित कार्यशाला में जनपद पंचायत धमधा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनिता जैन, एनडीआरएफ के कंपनी कमांडर जनक लाल देशमुख, इंस्पेक्टर अमोलनाथ सिंह, सब इंस्पेक्टर एनडीआरएफ विवेश यादव एवं अन्य अधिकारी उपस्थिति थे।