जीएसटी की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 6030 करोड़ के फर्जी बिल के सबूत किए हासिल…

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गांधीनगर। गुजरात में जीएसटी विभाग ने शनिवार को 282 स्थानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए लगभग रु 6030 करोड़ के फर्जी बिलिंग के सबूत हासिल किए हैं. इन मामलों में अपराध और सेवा कर अधिनियम अपराधों में 15 लोग गिरफ्तार किए गए हैं.

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट को लागू करने के बाद, राज्य जीएसटी विभाग ने आंकड़ों के आंकड़ों, पंजीकरण डेटा और व्यापारियों के ई-मेल बिल, रिकॉर्ड के रिकॉर्ड का विश्लेषण करके बिलिंग के कई मामले पाए हैं. व्यापारियों ने ई-वे बिल जनरेट किया, लेकिन उन्होंने जीएसटी -3 बी के माल, व्यापारियों, बिक्री / आउटवर्ड आपूर्ति, जीएसटी -1 की रिपोर्ट नहीं भरी.

छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों से प्राप्त प्राथमिक विवरण के अनुसार, लगभग 6,030 करोड़ रुपए के फर्जी बिलिंग के लेन-देन किए गए. इस तरह के लेन-देन में गलत बयानों को बढ़ाने और टर्नओवर बढ़ाने के लिए सर्कुलेशन बढ़ाने के लिए फर्जी बिल से जुड़े लेन-देन भी शामिल हैं. लगभग 910 करोड़ रुपए टैक्स में शामिल है. फर्जी बिलों के साथ-साथ विनिवेश से बचने वाले हजारों व्यापारी भी विभाग के ध्यान में आए हैं.

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पूरे गुजरात राज्य में निम्न स्थानों पर जांच चल रही हैं. जांच के बाद फर्जी बिलिंग में शामिल और इस गतिविधि के मुख्य उद्देश्यों का पता लगाने के लिए शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही ऐसे व्यापारियों का जीएसटी पंजीकरण को रद्द कर दिया जाएगा. एफआईआर और गिरफ्तारी सहित नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.

गुजरात राज्य में GST के लागू होने के बाद कर चोरी के खिलाफ यह सबसे बड़ा अभियान है. इस कार्रवाई में मुख्य आयुक्त (राज्य कर) डॉ. पीडी वाघेला (आईएएस) और विशेष आयुक्त, (राज्य कर) डॉ. अजय कुमार (आईएएस) के सीधी निगरानी में 282 टीमों ने इस अभियान को अंजाम दिया. उल्लेखनीय है कि फर्जी बिलिंग के कारण सरकार की आय कम हो जाती है. वहीं ईमानदार व्यापारियों को उन व्यापारियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल लगता है, जो फर्जी बिल प्राप्त करते हैं.