स्काईवाक जनता के पैसे से बना है, किसी व्यक्ति की हटधर्मिता का पैसा नहीं है-राजेश मूणत

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स्काईवाक तोड़े जाने का किया विरोध
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बन रहे स्काईवॉक को तोडऩे की चर्चा के बीच पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि सरकार प्रदेश में कुछ भी विकास का काम नहीं कर रही है सिर्फ लोगों को भटकाने के लिए स्काईवॉक का मुद्दा उठा रही है. शहर में विकास पर राजनीति चालू हो गई है. लोगों की सुविधा के लिए स्काईवॉक का निर्माण कराया गया है. सड़क की ट्रैफिक को कम करने के लिए प्लान बनाया गया था. ये जनता के पैसा से बना है, किसी व्यक्ति की हठधर्मिता का पैसा नहीं है. जरूरत पड़ी तो बीजेपी सड़क तक की लड़ाई लड़ेगी.
राजेश मूणत ने कहा कि 2013 के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री बनने के बाद काम करने का मौके मिला. शहर को विकसित करना हमारी कार्ययोजना था. एनएच को विकसित करना, चौड़ीकरण करना, एक्सप्रेस वे बनाना, इन विषय पर कार्य करना शुरु किया था. पीएचक्यू से रेलवे तक फ्लाईओवर, आरकेसी तक फ्लाईओवर पर विचार किया गया था. इसके बाद शास्त्री चौक में लोगों के आवागमन के लिए सुविधाओं की कवायद महसूस हुई. उन्होंने कहा कि एक सर्वे के मुताबिक 27 हजार लोग पैदल चलते है. यातायात के दबाव को देखते हुए ये प्लान बनाया गया. निगम के साथ सर्वे के बाद महापौर कमिश्नर, कलेक्टर सभापति और एसपी के सामने प्रेजेंटेशन कर ये योजना बनाई थी. एस्किलेटर लगाकर लोगों के लिए सुविधाजनक आवागमन के व्यवस्था के लिए नीचे की ट्रैफिक को कम करने ये प्लान लाया गया था.
उन्होंने कहा कि ये राजनितिक विषय नहीं है, इसमें सुविधाओं का कैसे विस्तार करे इस पर विचार की आवश्यकता है. सकारात्मक सोच के साथ कुछ करिए, अब विरोध करने वाले उस दिन प्रेजेंटेशन में मौजूद थे. अब इसे राजनीतिक मुद्दा बना कर ध्यान भटकाया जा रहा है. बिजली गुल हो रही, लेकिन स्काई वॉक का मुद्दा उठाया जा रहा है. जो विकास के कार्य बीजेपी ने किए वो धीरे-धीरे रुक गए है. फीचर डेवलोपमेन्ट के तहत इस कार्य को किया था.
आगे उन्होंने कहा कि डवलपमेंट की राजनीति करता हूं विकास को कभी राजनीति के बीच नहीं लाता हूं. ये राजनीति कर रहे है. बिजली गुल हो रही, पानी नहीं मिल रहा है. इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विधानसभा में जब इस योजना को रखा गया तो कांग्रेस के किसी भी व्यक्ति ने इसका विरोध नहीं किया था. सिफऱ् रेणु जोगी ने कुछ सवाल उठाए थी.