सिरपुर क्षेत्र में हाथियों का उत्पात जारी, फसलों को हानि पहुंचाकर हाथी वापस सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे

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महासमुंद। सिरपुर हाथी प्रभावित क्षेत्र पुन: जंगली हाथियों की आमद दर्ज हो गई है राजधानी के समीपवर्ती गाँवों में जन-धन की हानि पहुचाकर वापस अपने सुरक्षित स्थान पर पहुच गए है.यंहा आने के बाद भी उनका उत्पाद नही रुका है पीढ़ी बाँध में झोपडी में
तोडफोड़ किए है वही तीन लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए पानी में घंटो डूबे रहे तब कही जा कर उनकी जान बच पाई.
हाथी भगाओ फसल बचाओ समिति के संयोजक राधेलाल सिन्हा से मिली जानकारी के अनुसार रविवार की रात में 20 हाथीयों का झुण्ड पीढ़ी बाँध मे स्थित झोपड़ी की मरम्मत करने मछली ठेकेदार थानसिग निषाद, पत्नी केवरा बाई ,चौकीदार सुखराम ध्रुव,मजदूर खेलावन निषाद, नोहर निषाद रात्रि में थे । रात्रि 8 बजे के आसपास इन सभी को हाथीयों का झुण्ड करीब 20 मिनट तक झोपड़ी को चारों तरफ घेर लिया और झोपड़ी के चारों तरफ फेरा लगा रहे थे
इस दरमियान अपने-अपने जान बचाने के लिए मौका पा कर तीन लोग भाग कर जान बचाने के लिए पानी के अन्दर चले गए ।हाथी के वापस जाने के बाद थानसिग ने डरे सहमे हिम्मत कर धीरे से आवाज लगाई तब तीनो एक साथ मिल कर दोनों को आवाज लगाई पर उनके तरफ से कोई आवाज नहीं मिलने पर सब डर गये तब राधे लाल सिन्हा को मोबाइल से पुरी जानकारी दिया।
राधे लाल सिन्हा द्वारा डीएफओ महासमुन्द को सुचना देकर पीडि़तों की मदद करने की बात कही.डीएफओ द्वारा तुरंत गजराज वाहन एवं गस्त दल को मौके पर भेजा गया .वाहन की लाइट से तीन लोग आ गए पर दो लोग नहीं आने पर सभी लोग डर गये। हिम्मत कर झोपडी को टार्च जलाकर देखने पर महिला एवं पुरुष सहमे हुए मिले दोनों बोलने की स्थिति में नहीं थे।पानी पिलाने के बाद राहत मिला तब पीढ़ी से थानसिग दो पिकप गाड़ी में ग्रामीणों को बुलाया उसमें बिठा कर गस्त दल सडक़ तक छोडऩे के बाद रहवासी क्षेत्र में गस्त करने चले गए ।
इस घटना से लहंगर एवं पीढ़ी के ग्रामीणों मे अफ रातफरी मची हुई थी सभी लोगों को सुरक्षित पाए जाने पर राहत की साँस ली । कहीं हाथी लहंगर के तरफ ना पहुँच जाय कर गाँव में गस्त करने लगे। सभी 5 लोग सुरक्षित मिलने पर वन विभाग के साथ लहंगर एवं पीढ़ी के ग्रामीणों ने राहत की साँस ली एवं सभी सुरक्षित घर पहुँच गए ।
राधे लाल सिन्हा का कहना है कि गजराज वाहन हाथी लोकेशन के 5 कि / मी के दूरी पर रहना है पर आज तक गजराज वाहन मौके पर कभी नहीं रहता इस कारण हाथी का सामना ग्रामीणो के साथ होती हैं और हाथी घटना को अंजाम देते हैं जिससे निर्दोष ग्रामीण हाथी के शिकार हो रहे है और इनसे मुक्ति कब मिलेगी? गजराज वाहन को जिला मुख्यालय में क्यों रखा जाता है जो समझ से परे है।