महिलाओं और बच्चों के मामलों का संवेदनशीलता से निराकरण करें : अनिला भेंड़िया

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00 महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया ने ली विभागीय सभीक्षा बैठक
रायपुर महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया ने आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में विभागीय योजनाओं, संरचना और अन्य मूलभूत जानकारियों के संबंध में अधिकारियों की पहली समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामले नाजुक होते हैं इसलिए उनका निराकरण पूरी संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने अधूरे बने आंगनबाड़ी भवनों को जल्द पूरा करने के साथ वहां बिजली और शौचालय की समुचित व्यवस्था किए जाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। साथ ही कहा कि बच्चों को दिए जाने वाले पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता में सुधार और सुरक्षित रखे जाने के समुचित उपाए किए जाने चाहिए। जनघोषणा-पत्र के अनुरूप आवश्यक प्रस्ताव बना कर कार्यवाही किए जाने के निर्देश भी उन्होंने दिए। श्रीमती भेंड़िया ने बाल संप्रेषण गृृह में अपचारी बालकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक उपाय किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसामान्य की शिकायतों को गंभीरता से लें और योजनाओं के सफल संचालन के लिए जिला अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करें । विभागीय रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए। श्रीमती भेंड़िया ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला कोष से ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को लाभ पहुचाने के उपाय किए जाने चाहिए । महिलाओं तक व्यापक प्रचार प्रसार के माध्यम से योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाए जिससे वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें। महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त सह सचिव डॉ.एम गीता ने बैठक में विभागीय संरचना सहित योजनाओं की विस्तृृत जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं व बच्चों के लिए वर्तमान में 29 योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जिससे प्रदेश में 6 माह से 6 वर्ष तक के लगभग 19 लाख 60 हजार बच्चों और 4 लाख 51 हजार गर्भवती महिलाओं व शिशुवती महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।