पाक में आतंकवाद विरोधी नियम को मंजूरी

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इस्लामाबाद। पाकिस्तान की संघीय कैबिनेट ने मंगलवार को नए नियम लागू किए है। इन नियमों को देश में प्रतिबंधित संगठनों पर लागू किया गया है। बैन संगठनों की वित्तीय सहायता को रोक दिया गया है। कैबिनेट ने मीडिया के साथ निर्णय को साझा करते हुए कहा कि मंत्रि परिषद ने आतंकवाद विरोधी नियम 2018 को मंजूरी दे दी है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने पिछले शुक्रवार को गुपचुप तरीके से आतंक रोधी कानून 1997 में संशोधन के लिए एक अध्यादेश पर हस्ताक्षर कर दिया है। जिसके बाद जमात-उद-दावा आतंकी संगठन करार दे दिया गया। इस बिल का उद्देश्य यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) की ओर से प्रतिबंधित आतंकी संगठनों जैसे लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा और तालिबान जैसे संगठनों पर भी लगाम लगाना है। इन संगठनों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा सूचीबद्ध संस्थाएं भी शामिल हैं। मंत्रिमंडल की बैठक में मौजूद एक सूत्र ने कहा कि आतंकवादी संपत्तियों को जब्त करने और जमा करने की अनुमति देने के निर्णय से आतंकवादी व्यक्तियों और संगठनों के बैंक खातों को अवरुद्ध करने में मदद मिलेगी। बता दें कि, अब तक यूएन की पाबंदियों के बावजूद जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत जैसे हाफिज सईद के संगठन पाकिस्तान में धड़ल्ले से अपना काम कर रहे थे, लेकिन नए संशोधन पर राष्ट्रपति ममनून हुसैन के दस्तखत के बाद अब इन आतंकी संगठनों पर कार्रवाई हो सकेगी। अब तक पाकिस्तान ने लगा रखे थे छोटे-मोटे प्रतिबंध अब तक पाकिस्तान जमात उद दावा जैसे संगठनों को बस आतंकी सूची में रखकर काम चला रहा था। कभी प्रतिबंध की बात करता था तो कभी उस पर आर्थिक तौर पर चंदा न लेने के लिए प्रतिबंध की बात करता था। लेकिन राष्ट्रपति द्वारा अध्यादेश पर हस्ताक्षर के बाद जमात उद दावा घोषित तौर पर आतंकी संगठन हो गया है।

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