जल संरक्षण एवं संचयन को लेकर नेहरू नगर में आयोजित हुई कार्यशाला

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भिलाई। घर का पानी घर में, मोहल्ले का पानी मोहल्ले में, वार्ड का पानी वार्ड में और शहर का पानी शहर में ही रहे! आज पानी नहीं आने की समस्या हो सकती है, 2 महीने बाद बारिश में पानी भर जाने की समस्या होगी पानी वही है पर स्वरूप बदल जाएगा दोनों का हल एक ही है कि हम अपने घरों में वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण करें पानी को नाली एवं अन्य माध्यम से व्यर्थ न बहने दे जिससे गर्मी एवं बारिश के दिनों में पानी भूगर्भ में समा जाए और हम उसका पुन: उपयोग कर सकें!
आप सभी अनुभवी लोग हैं पानी की किल्लत से भली भांति वाकिफ है जब भेलवा तालाब नहीं हुआ करता था तब नेहरू नगर क्षेत्र में पानी की समस्या से सभी रूबरू हैं इसलिए नेहरू नगर के हर घर में वाटर हार्वेस्टिंग बनाकर एक नया मिसाल खड़ा करें!
उक्त बातें आयुक्त एस.के. सुंदरानी ने नेहरू नगर सियान सदन मे उपस्थित लोगों से जल संरक्षण एवं संचयन की आयोजित कार्यशाला में कहीं!
इंजीनियर एवं पत्रकार मधुर चितलांगिया ने पावर पॉइंट के माध्यम से जल संरक्षण एवं संचयन को लेकर प्रकाश डाला तथा प्रश्नोत्तरी के माध्यम से पूछा कि कितने प्रतिशत जल पृथ्वी का भाग है एवं इनमें से कितने प्रतिशत पीने योग्य जल है, जमीन के अंदर कितना जल का उपयोग होता है और बाहर कितना उपयोग होता है, भारत में कहां सबसे ज्यादा बारिश होती है, वाटर हार्वेस्टिंग का शाब्दिक अर्थ समझाते हुए जल संरक्षण संग्रहण एवं संचयन करने की अपील की तथा उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण के लिए संकल्प लिया!
आयोजित कार्यशाला में उपायुक्त तरुण पाल लहरें, जोन आयुक्त जोन क्रमांक 1 बीके देवांगन, जल संरक्षण के सदस्य अजय शुक्ला सहित बड़ी मात्रा में नेहरू नगर के मोहल्ले वासी उपस्थित रहे!
जल है तो कल है।