गुप्त नवरात्रि आज से

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रायपुर । आज से गुप्त नवरात्रि शुरू हो रही है, जो कि 3 फरवरी को पूर्ण होगी। शुभ मुहूर्तों में रवियोग, द्विपुष्कर योग, सर्वार्थसिद्धि और अमृतसिद्धि योग रहेंगे। जिनमें किए गए काम सिद्ध होते हैं। वहीं इन दिनों में चंद्रमा जब कुंभ और मेष राशि में रहेगा तब मंगल एवं बृहस्पति की दृष्टि चंद्रमा पर रहेगी। जिससे महालक्ष्मी और गजकेसरी योग का फल भी लोगों को मिलेगा।
गुप्त नवरात्रि में अधिकांश साधक देवी की आराधना कर अधिक से अधिक लाभ-पुण्य कमाने का प्रयास करते हैं। गुप्त नवरात्रि के दिन तंत्र-मंत्र सिद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ दिन माने गए हैं। कई साधक इन दिनों में दसों महाविद्याओं की साधना भी करते हैं। इनसे न केवल स्वयं के जीवन की परेशानियों का अंत होता है, बल्कि वे दूसरों की भलाई के काम भी कर सकते हैं।
गृहस्थ साधक जो सांसारिक वस्तुएं, भोग-विलास के साधन, सुख-समृद्धि और निरोगी जीवन पाना चाहते हैं उन्हें इन नौ दिनों में दुर्गासप्तशती का पाठ करना चाहिए। गुप्त नवरात्रि में मानसिक पूजा की जाती है। माता की आराधना मनोकामनाओं को पूरा करती है।
दस महाविद्या की पूजा सरल नहीं। नौ दिनों के लिए कलश की स्थापना की जा सकती है। अगर कलश की स्थापना की है तो दोनों वेला मंत्र जाप, चालीसा या सप्तशती का पाठ करना चाहिए। दोनों ही समय आरती भी करना अच्छा होगा। मां को दोनों वेला भोग भी लगाएं। मां के लिए लाल फूल सर्वोत्तम होता है पर ध्यान रखना चाहिए मां को आक, मदार, दूब और तुलसी बिल्कुल न चढ़ाएं।