भाजपा का घोषणापत्र सुरक्षित भारत में समृद्ध भारत के निर्माण का संकल्प

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राष्ट्रवाद हमारी प्रेरणा, अंत्योदय हमारा दर्शन और सुशासन हमारा मंत्र है : पीएम
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने लोकसभा चुनाव-2019 के लिए जारी अपने घोषणा पत्र में सुरक्षित भारत में एक ऐसे समृद्ध भारत को साकार करने का संकल्प व्यक्त किया है जिसमें गरीबों और किसानों की जीवनदिशा में व्यापक सुधार हो, साथ ही मध्यम वर्ग और व्यापारियों को राहत पहुंचाई जाए।

भाजपा के संकल्प पत्र में एक ऐसे सुरक्षित भारत का खाका पेश किया गया है, जिसमें गरीबों और किसानों को मासिक पेंशन के रूप में सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। वहीं 25 लाख करोड़ के निवेश से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को खुशहाल बनाया जाएगा। देश में आधारभूत ढांचे के विकास की महत्वाकांक्षी योजना के साथ ही अगले कुछ वर्षों में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों की संख्या को कम करने का इरादा व्यक्त किया गया है। कांग्रेस के पिछले सप्ताह जारी घोषणापत्र में गरीबों को 72 हजार रुपये की धनराशि देने संबंधी ‘न्याय योजना’ के जवाब में भाजपा ने कई ऐसे कदम उठाने की बात कही है जिबों का सशक्तिकरण होगा और वे गरीबी के जाल से मुक्त होने में सक्षम हो सकेंगे।आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, गरीबों और किसानों के उत्थान के लिए भाजपा द्वारा घोषित कदमों पर 20 लाख करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होगी।

भाजपा मुख्यालय में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, संकल्प पत्र समिति के अध्यक्ष राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली की उपस्थिति में पार्टी का संकल्प पत्र जारी किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने संकल्प पत्र समिति के अध्यक्ष राजनाथ सिंह और उनकी टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह एक शानदार संकल्प पत्र है और सत्ता में वापसी के बाद इसको अक्षरशः लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद हमारी प्रेरणा है। अंत्योदय हमारा दर्शन है और सुशासन हमारा मंत्र है। 2022 में आजादी के 75 साल पूरे होने पर स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले महापुरुषों के संकल्प को पूरा करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प पत्र सुशासन पत्र भी है और देश की सुरक्षा समृद्धि का पत्र भी है। उन्होंने कहा कि इस संकल्प पत्र को लाते समय हमारे सामने एक मिशन और एक दिशा थी। सरकार ने क्या किया, वह इससे नहीं जानी जाता बल्कि जो किया उससे अंतिम छोर के व्यक्ति को क्या लाभ मिला, इससे पता चलता है। भारत विविधताओं वाला देश है और सभी को एक दृष्टि से नहीं देखा जा सकता, इसीलिए हमने बहुस्तरीय और बहुआयामी प्रयास करने की कोशिश की।

संकल्प पत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा को अपने एजेंडे में अव्वल रखते हुए भाजपा ने कहा कि दोबारा सत्ता में लौटने पर वह राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं करेगी। पार्टी ने कहा कि पिछले पांच साल में राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किए गए हैं और इसी नीति पर हम आगे बढ़ेंगे। पार्टी ने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर वह ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कायम रहेगी और जम्मू कश्मीर में विशेष प्रावधानों ‘अनुच्छेद 370 और 35ए’ को समाप्त करने का काम किया जाएगा। आतंकवाद और उग्रवाद के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को पूरी दृढ़ता के साथ जारी रखेगी और सुरक्षा बलों को आतंकवादियों का सामना करने के लिए ‘फ्री हैंड’ की नीति पर बढ़ेगी। पार्टी ने समान नागरिक संहिता लाने तथा नागरिकता संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों से पारित कराने का भी संकल्प व्यक्त किया।

भाजपा ने संकल्प पत्र में कहा है कि सत्ता में दोबारा आने के बाद वह सभी किसानों और छोटे व्यापारियों को सामाजिक सुरक्षा के घेरे में शामिल करते हुए उनको 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन देगी। इसके साथ किसान सम्मान निधि का दायरा बढ़ाते हुए देश के सभी किसानों को इसके तहत लाने की घोषणा की गई। भाजपा ने कहा कि वर्ष 2019 के आम चुनाव के बाद सत्ता में वापसी पर किसान क्रेडिट कार्ड रखने वाले किसानों को एक लाख रुपये तक का कर्ज पांच साल के लिए बिना ब्याज के दिया जाएगा। निम्न मध्यम वर्ग को प्राथमिकता देते हुए संकल्प पत्र में कहा गया है कि सत्ता में आने पर आगे भी कर दरों और कर में दी गई छूट का अवलोकन करते रहने के लिए पार्टी प्रतिबद्ध है ताकि मध्यम आय वाले परिवारों की आमदनी बढ़े और उनकी खरीद क्षमता विकसित हो। साथ ही उद्यमियों को बिना किसी सिक्योरिटी के 50 लाख रुपये तक का ऋण, व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए राष्ट्रीय व्यापार आयोग का गठन, हर परिवार को पांच किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधा देने तथा देश भर में 75 नये मेडिकल कॉलेज खोलने का वादा किया गया है।

पार्टी ने बुनियादी ढांचों के विकास पर 100 लाख करोड़ रुपये और ग्रामीण क्षेत्र के विकास पर 25 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का वादा किया है। संकल्प पत्र में कहा गया कि वर्ष 2024 तक एमबीबीएस और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संख्या दोगुनी की जाएगी, डेढ़ लाख स्वास्थ्य और कल्याण केन्द्रों में टेलीमेडिसिन तथा डायग्नोस्टिक लैब की सुविधाएं मुहैया कराईं जाएंगी। साथ ही हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज या परास्नातक मेडिकल कॉलेज खोलने और भारतीय शैक्षणिक संस्थानों का विश्व के शीर्ष 500 शैक्षणिक संस्थानों में स्थान सुनिश्चित करने को लेकर प्रयास किया जाएगा।