सकारात्मक समाचारों से लोगों को मिलती है प्रेरणा : राज्यपाल आनंदीबेन

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि सकारात्मक कार्यो और उसके समाचारों के प्रकाशन व प्रसारण से अन्य लोगों को सामाजिक सरोकार की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रिंट मिडिया और इलेक्ट्रानिक मिडिया को बेहतर कन्टेन्ट के साथ सामाजिक सरोकार की खबरों पर भी मजबूत पकड़ बनाएं रखने की जरूरत है। राज्यपाल ने यह विचार आज यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में व्यक्त किये। राज्यपाल श्रीमती पटेल ने विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं उपाधि प्रदान करते हुए कहा कि ज्ञान अर्जित करना एक सतत् प्रक्रिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सभी को सरकारी नौकरी नही मिल सकती है। इसलिए राज्य एवं केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर सकारात्मक सोच के साथ अपनी रूचि का स्वरोजगार स्थापित करें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पत्रकारिता की संस्कार भूमि है। यहां से सन 1900 में पेंड्रारोड से पं. माधवराव सप्रे ने मासिक पत्रिका छत्तीसगढ़ मित्र को प्रारंभ करके पत्रकारिता का बीजारोपण किया। पं. रविशंकर शुक्ल ने ‘कान्यकुंज’ पत्रिका और साप्ताहिक समाचार पत्र ‘महाकौशल’ का प्रकाशन किया। बिलासपुर जिला काउंसिल ने पं. सुंदरलाल त्रिपाठी के संपादकीय में मासिक पत्रिका ‘विकास’ और स्वराज्य प्रसाद त्रिवेदी एवं केशव प्रसाद ने ‘आलोक’ नामक पत्रिका निकाली। इन सभी ने छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन सहित यहां के साहित्य और समाज के समृद्धि के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। छत्तीसगढ़ में चन्दूलाल चन्द्राकर, मायाराम सुरजन, स्वराज प्रसाद त्रिवेदी, बब्बन मिश्रा, गोविंद लाल वोरा, केयूर भूषण जैसे कई मूर्धन्य पत्रकार हुए, जिनके कारण पत्रकारिता के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की पहचान बनी। उन्होंने उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों से कहा कि मुझे विश्वास है कि आप छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता की परम्परा को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए इसे और आगे ले जाएंगे। राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता के पहले पत्रकारिता एक मिशन थी। स्वतंत्रता के पश्चात् मीडिया के स्वरूप में परिवर्तन आया समाचारों का विषय भी बदला, पर उनके समक्ष चुनौतियां आती रही। पर उसके बावजूद भारतीय मीडिया मजबूत होकर उभरी। वर्तमान समय में भी नई चुनौतियों का मीडिया जगत को सामना करना पड़ रहा है। नई तकनीकें सामने आ रही है। पत्रकारों सहित संस्थानों को भी इन तकनीकों से अपडेट होना पड़ रहा है। प्रिन्ट और इलेक्ट्रानिक मीडिया आज परम्परागत मीडिया हो गया है। सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप आदि से संवाद आसानी से होने लगे है। कई बार कुछ विषय गलत ढंग या भ्रामक तरीके से प्रस्तुत होने के कारण समाज में अशांति एवं तनाव का वातावरण भी निर्मित हो जाती है। हमें इनसे बचना चाहिए और प्रयास करना चाहिए कि सबसे पहले की दौड़ से बचते हुए हमें प्रतिपरीक्षण कर सहीं और विश्वसनीय खबरें ही जनता के समक्ष ले जाएं। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यहां बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर के दिशा में बढ़ावा देने के लिए सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थी हेल्पडेस्क बनाने, पदोन्नति के बाद विशेष प्रशिक्षण देने, उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए सलाह देने हेतु छत्तीसगढ़़ उच्च शिक्षा राज्य परिषद गठन और सभी कॉलेजों के पाठ्यक्रम में आवश्यकता के आधार पर अपडेट करने के साथ संबंध में की जा रही कार्रवाई की भी जानकारी दी। समारोह में सुप्रसिद्ध पत्रकार ओम थानवी ने वर्तमान में मीडिया की भूमिका, मीडिया का स्वरूप में परिवर्तन और फेक न्यूज पर चिंता जाहिर की। उन्होंने मीडिया को बाजारवाद के कुचक्र से बचने और सामाजिक सरोकार से जुड़े रहने पर बल दिया। दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकाय में 4 पीएचडी, 74 स्नाकोत्तर तथा 121 स्नातक के दीक्षार्थियों को प्रमाण पत्र दिया गया। साथ ही विभिन्न संकायों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और प्रवीण प्रमाण पत्र भी प्रदाय किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित स्मारिका केटीयू न्यूज का भी विमोचन किया गया। कुलपति प्रो. (डॉ.) एम.एस. परमार ने स्वागत उद्बोधन देते हुए विश्वविद्यालय की संपूर्ण शिक्षा गतिविधियों के बारे में बताया। इस अवसर पर कुलपति ने राज्यपाल सहित अन्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। समारोह में रायपुर महापौर प्रमोद दूबे, कुलसचिव अतुल कुमार तिवारी सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, गणमान्य नागरिक, बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अविभावक उपस्थित थे।