छत्तीसगढ़ बजट: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पेश किया बजट

0
52

1 मार्च से 400 यूनिट तक आने वाले बिजली बिल हाफ
00 गरीब परिवारों को 35 किलो चावल

रायपुर। सीएम भूपेश बघेल ने विधानसभा में शुक्रवार को अपना पहला बजट पेश किया। बजट में किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए गए। वहीं बिजली बिल को हाफ करने का ऐलान किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी सरकार के पहले बजट में आम लोगों के लिए जनघोषणा पत्र के मुताबिक अपना पिटारा खोला। विधानसभा बजट सत्र की कार्रवाई शुरू होते ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सबसे पहले जनता का आभार जताया। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश में 400 यूनिट तक आने वाले बिजली बिल को आधा करने का फैसला किया गया है।

1 मार्च से 400 यूनिट तक आने वाले बिजली बिल हाफ

इसके लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपए के व्यय का प्रावधान रखा है। सरकार की यह योजना 1 मार्च से लागू होगी। इस फैसले से प्रदेश के गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों को बिजली बिल में काफी राहत मिलेगी। सीएम भूपेश बघेल ने आगे कहा कि प्रदेश में 20 लाख किसानों को ऋण माफी का लाभ मिला है। अब तक कसानों के कर्ज का 6 230 करोड़ माफ किया गया। साथ ही इस बजट में 21 हजार 597 करोड़ कृषि बजट के रूप में प्रावधान किया है। सरकार ने 2019 -20 में भी 2500 रुपए समर्थन मूल्य पर धान खरीदने का प्रावधान किया है। इस बजट में वे सभी प्रावधान किए गए जिसका फायदा सभी ग्रामीणों किसानों को मिलेगा। हर गांव मे 3 एकड़ भूमि का चयन कर गौठान बनाया जाएगा जिसमे टीकाकरण की व्यवस्था बैठने के लिए भी व्यवस्था के साथ शेड का निर्माण किया जाएगा। बाड़ी का भी विकास होगा नदी नालों के किनारे फलदार वृक्ष लागये जाएंगे।

किसी प्रकार का नया कर नहीं
सीएम भूपेश ने कहा है कि इस बार प्रदेश सरकार जनता पर किसी प्रकार का नया कर नहीं थोप रही है। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार से जनता को काफी अपेक्षाएं हैं।

सरकार बनने के बाद से ही घोषणाओं पर अमल शुरू किया
सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरे इसके लिए प्रसासरत है। सरकार बनने के बाद से ही घोषणाओं पर अमल शुरू किया। किसानों के कर्ज माफी से लेकर समर्थन मूल्य बढ़ाया गया। इससे किसानों को काफी राहत मिली है।

सीएम भूपेश बघेल ने पेश किया बजट, बजट के प्रमुख बिंदु
गरीब परिवारों को 35 किलो चावल देने के लिए 4 हजार करोड़ का प्रावधान। विधायक निधि की राशि बढ़ाकर 1 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ किया गया। गिरौदपुरी और भंडारपुरी और दामाखेड़ा में विकास के लिए 5-5 करोड़। मध्यान भोजन के लिए रसोईयों को अब प्रतिमान 15 सौ रुपये मिलेगा। निजी बैकों द्वारा बांटे गए 4 हजार करोड़ का अल्पकालीन कृषि ऋण माफ। कृषि ऋण माफ करने के लिए 5 हजार करोड़ का प्रावधान। निजी बैकों द्वारा बांटे गए 4 हजार करोड़ का अल्पकालीन कृषि ऋण माफ। जगदलपुर में मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल बनेगा। 25 सौ रुपये समर्थन मूल्य के लिए 5 हजार करोड़ का प्रावधान। एससी-एसटी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति 1 हजार प्रतिमाम । किसानों के 207 करोड़ का सिंचाई कर माफ। बिलासपुर में बर्न यूनिट खोला जाएगा। प्रदेश में रेलमार्गों के उन्नयन के लिए 317 करोड़ । अस्पताओं की सफाई के लिए 15 करोड़ का प्रावधान। वनवासियों के जीविका के लिए तेंदूपत्ता संग्राहकों का 4000 प्रति बोरा। गांवों में मिनी माता अमृत जल योजना शुरू होगी। नए स्कूल भवनों के लिए 34 करोड़ 50 लाख रुपए। यूनिवसल हेल्थ स्कीम लागू की जाएगी। बीपीएल उपभोक्ताओं के पेयजल के लिए मुफ्त कनेक्शन। दुर्ग व बालोद में महिला महाविद्यालय खोला जाएगा। पुलिसकर्मियों को 45 करोड 8 4 लाख का रिस्पॉन्स भत्ता मिलेगा। सुपाबेड़ा जल प्रदाय योजना के लिए 2 करोड़ का प्रावधान। लोकसेवा गारण्टी को तेजी से लागू किया जाएगा। एनडीआरएफ को जोखिम भत्ता दिया जाएगा। दिव्यांगजनों की शादी के लिए 1 लाख राशि । जिला अस्पताल गरियाबंद में 100 बिस्तर हॉस्पिटल। रायपुर केंद्रीय जेल को अब बनाया जाएगा नवीन जेल । बिलासपुर में खुली जेल का निर्माण होगा । मुख्यमंत्री कन्या दान योजना में 2500 रुपए मिलेगा। दामाखेड़ा के लिए 5 करोड़। कौशल विकास योजना के लिए 2 लाख युवाओ को रोजगार होगा। 5 नए फूड पार्क के लिए 50 करोड़ का प्रावधान। सोयाबीन उत्पादन पर 10 करोड़ का प्रावधान। 20 हजार नए सोलर पंप । ग्राम विकास के लिए ‘सुराजी गांव योजना ‘ शुरू किया जाएगा। हर गांव मे नरुआ गरवा घुरवा बारी का विकास होगा। गांव के तालाबो को सोलर पंप से भरा जाएगा । सबके लिए आवास योजना के लिए 597 करोड़ । 1542 करोड़ रुपए नरवा गरवा घुरवा बाड़ी के विकास में लगाया जाएगा। 135 करोड़ 50 लाख कौशल विकास योजना । ग्राम पंचायत में 210 करोड़। मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना 200 करोड़। मिनीमाता अमृत जल योजना 200 करोड़। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 1723 करोड़। कुपोषण में कमी लाने के लिए 1340 करोड़। महतारी जतन योजना 24 करोड़ । छात्रावास भवन के लिए 50 करोड़ अतिरिक्त राशि। 3500 नए सड़क के निर्माण के लिए प्रावधान ।जवाहर सेतु योजना के लिए 100 करोड़। राज्य के मूल निवासियों के लिए 5 साल की छूट। प्रत्येक संभाग में खेल टीचर के लिए कुल 55 पद। बालोद जिले में घरौंदा केंद्र की स्थापना। स्वास्थ्य के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य 242 नए पद सृजन किये जाएंगे। बस्तर विकास प्राधिकरण का प्रभार स्थानीय विधायकों को दिया जाएगा।