उदंती अभ्यारण्य में संवर्धन केन्द्र का जाली तोड जंगल की तरफ भागा “वीरा”

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वन विभाग मे मचा है हडकम्प,वन भैसा की सुरक्षा के लिए दर्जन भर कर्मचारी तैनात
मैनपुर। पुरे देश में राजकीय पशु वन भैंसो के लिए विख्यात उदंती अभ्यारण्य में वन भैसो के सरंक्षण और संर्वधन के लिए निर्माण किये गये रेस्क्यू सेंटर के मोटे मोटे लोहे के ऐंगल जाली बाडा को तोड कर एक वन भैसा जिसका नाम है वीरा वह बाहर निकलकर जंगल की तरफ भाग गया जिससे पुरे वन विभाग में हडकम्प मचा हुआ है और बाडे से बाहर निकले इस वन भैसा की पल पल की खबर लेने के लिए एक दर्जन से भी ज्यादा केयर टेकर,चौकीदार की नियुक्ति वन विभाग द्वारा किया गया है जो वन भैसा की पल पल की खबर विभाग के अफसरो तक पहुचा रहे है और स्वभाव से काफी आक्रमक इस वन भैसा ने टेकर को देखकर उनके उपर हमला करने उन्हे दौडाया तो टेकर ने पेड में चढकर जैसे तैसे अपनी जान बचाई। बहरहाल वन विभाग द्वारा बाडा तोडकर बाहर निकले इस वन भैसा की जानकारी प्रधान मुख्य वन सरंक्षक एंव उच्च अफसरो तक दिया जा चुका है और जल्द ही एक रेस्क्यू आपरेशन चलाकर इस वन भैसा वीरा को पुनः बाडे तक लाने के लिए वन विभाग के विशेषज्ञो द्वारा योजनाए तैयार की जा रही है।
उदंती अभ्यारण्य राजकीय पशु वन भैसा के नाम से पुरे देश में प्रसिध्द है और वर्ष 2005 और 2007 के बीच डब्ल्यू टी आई नई दिल्ली से उंदती के जंगल में सर्वे करने के बाद वन भैसांे की संही गणना की जानकारी विभाग को हुआ था सामान्य भैसो से ढाई गुना बढा भारी भरकम स्वभाव से काफी आक्रमक वन भैसा की संख्या पुरे देश में तेजी से घटी है काफी महत्वपूर्ण होने के चलते छत्तीसगढ राज्य निर्माण के बाद इसे हमारे प्रदेश के राजकीय पशु घोषित किया गया और उदंती अभ्यारण्य में वनभैसा के सरंक्षण और संवर्धन के लिए वन विभाग द्वारा लाखो करोडो रूपये खर्च कर उदती अभ्यारण्य के कक्ष क्रमांक 82 में लगभग 30 हेक्टेयर जंगल को चारो तरफ से बडे बडे लोहे के एंेंगल और विशाल उचाई की लोहे की जालियो से बाडा रेस्क्यू सेंटर का निर्माण कर यहा दो मादा वनभैसा और 6 नर वनभैसो को रखकर संरक्षण और सवर्धन का कार्य वन विभाग द्वारा किया जा रहा है मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में उदंती अभ्यारण्य में मात्र 10 वनभैसे है जिसमें दो मादा आशा और उसकी बेटी खुशी तो वही बाडे के भीतर छोटू,सोमू, मोहन, वीरा, और दो नवजात वन भैसा के बच्चे को रखा गया है साथ ही दो वनभैसा प्रिसं और राजा खुले जंगल में स्वतंत्र घुम रहे है जिसमे बाडे के अंदर रखे वीरा नामक वन भैसा का जन्म 10/12/2012 को आशा से हुआ है और जन्म से 7 वर्ष तक यह वन भैसा बाडे के भीतर ही रखे गये थे लेकिन वीरा वन भैसा काफी गुस्सैल के साथ आक्रमक होने के कारण 6 अक्टुबर रविवार को सुबह 6 बजे के आसपास रेस्क्यू सेंटर के विशाल लोहे के एंेंगल और जाली को सिंग के सहारे तोडकर जंगल के भीतर भाग गया वहा सुरक्षा मे तैनात कर्मचारियों और केयर टेªकरों को जैसे ही इसकी जानकारी लगी इसकी सूचना उन्होने वन विभाग के आला अधिकारियो को दिया तो पुरे विभाग मे हडकम्प मच गया वन भैसा वीरा पहली बार बाडे से बाहर खुले जंगल में निकला है इसलिए इसकी सुरक्षा को लेकर विभाग काफी चिंतित नजर आ रहे है और वनभैसा वीरा के देखरेख के लिए एक दर्जन वन कर्मचारियो का अमला केयर टेªकर तथा चैकीदार नियुक्त किया गया है जो लगातार वीरा वन भैसा के हर गतिविधियो पर नजर रखे हूए है और इसकी पल पल की जानकारी आला अधिकारियो को दिया जा रहा है केयर ट्रेकरो को कई बार वीरा वन भैसा अपने पीछे देखकर दौडाया भी है केयर टेªकर पेड मे चढकर जान बचाये है साथ ही इस वन भैसा को सुरक्षित पुनः रेस्क्यू सेंटर बाडे तक ले जाने उच्च स्तरीय रेस्क्यू आपरेशन की तैयारी की जा रही है,रविवार को दिनभर यह वन भैसा जुगांड ग्राम के आसपास मंडराता रहा और आज सोमवार को देर शाम समाचार लिखे जाने तक वन भैसा कक्ष क्रमांक 89 के जंगल में विचरण कर रहा है जिसकी पल पल की जानकारी इसके देखरेख मे लगाए सुत्रो द्वारा दिया जा रहा है इस सम्बन्ध में वन विभाग के अफसर कुछ भी बोलने से बच रहे है।
15 वर्ष पुराना जाली लोहे के एंगल चूका है जर्जर
ज्ञात हो कि उंदती अभ्यारण्य के कक्ष क्रमाक 82 में लगभग 30 हेक्टेयर विशाल जंगल को चारो तरफ से लगभग 12-15 वर्ष पहले लोहे के ऐंगल और जालियो से घेरकर रेस्क्यू सेंटर का निर्माण किया गया है लेकिन इतने वर्षो में इसके मरम्मत के तरफ कोई ध्यान नही दिया गया है जिसके चलते पूर्व मे भी एक वन भैसा ने रेस्क्यू सेंटर के जालियो को तोड तो दिया था लेकिन तब वन भैसा जाली से बाहर नही निकल पाया था लेकिन अब रेस्क्यू सेंटर के लोहे की जाली और एंेंगलों की स्थ्तिि इतने वर्षो में कमजोर होती जा रही है इसलिए नए सिरे से रेस्क्यू सेंटर का निर्माण करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है विभागीय सूत्र बताते है इसके लिए पूर्व मे कई बार प्रस्ताव और स्टीमेट बनाकर भेजा जा चुका है लेकिन इतना महत्वपूर्ण मांग के तरफ विभाग द्वारा अब तक ध्यान नही दिया गया है ।
क्या कहते है डाॅक्टर
डब्ल्यू टी आई नई दिल्ली के डाॅक्टर आर पी मिश्रा ने बताया कि 6 अक्टुबर को सुबह वीरा नामक वन भैसा जाली को तोडकर सुरक्षा घेरे से बाहर जंगल में घुम रहा है वन विभाग द्वारा वनभैसा की पल पल की जानकारी रखी जा रही है जल्द ही इस वनभैसा को पुनः रेस्क्यू सेंटर तक लाया जाएगा ।
डाॅ आर पी मिश्रा डब्लू टी आई नई दिल्ली