पावर प्लांट की बिजली हो सकती है ठप |

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बिलासपुर । सीपत में एनटीपीसी पावर प्लांट प्रारंभ होने के 17 साल बाद भी भूविस्थापितों को नौकरी देने में प्रबंधन द्वारा हीला-हवाला किया जा रहा है। इससे नाराज मरवाही विधायक अमित जोगी ने कलेक्टर से दोटूक कहा कि प्रभावित को तत्काल नौकरी की व्यवस्था की जाए। ऐसा न होने पर एक नवंबर से पावर प्लांट से बिजली का उत्पादन ठप कर देंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन व पावर प्लांट प्रबंधन की होगी।

सीपत में एनटीपीसी पावर प्लांट की स्थापना के लिए 8 गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है। अधिग्रहण की शर्तों में भूविस्थापित किसान के परिवार से एक सदस्य को प्लांट में नौकरी देने का वायदा भी किया गया था। भूविस्थापित परिवार के 692 लोगों को पावर प्लांट प्रबंधन को नौकरी देनी है। अब तक 380 युवकों को नौकरी दी गई है। शेष भूविस्थापित परिवार के युवा अब भी कतार में खड़े हैं। बीते 17 वर्षों से इनके द्वारा लगातार संघर्ष किया जा रहा है। आजतक इनको सफलता नहीं मिली है। अभी हाल ही में युवाओं ने आमरण अनशन किया था। इसके बाद भी प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया। मरवाही विधायक अमित जोगी द्वारा साथ लड़ाई लड़ने के आश्वासन के बाद युवाओं ने आमरण अनशन तोड़ा था। इसके बाद अमित ने कलेक्टर से मिलकर इस संबंध में फौरीतौर पर कार्रवाई करने दबाव बनाया था। बुधवार को मंथन सभाकक्ष में त्रिपक्षीय वार्ता का आयोजन किया गया था। इसमें कलेक्टर की अगुवाई में बैठक रखी गई थी। इस दौरान बेलतरा विधायक व डिप्टी स्पीकर बद्रीधर दीवान, मरवाही विधायक अमित जोगी, बिल्हा विधायक सियाराम कौशिक व मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया के अलावा एनटीपीसी पावर प्लांट के जीएम व भूविस्थापित मौजूद थे। इनकी मौजूदगी में बैठक शुरू हुई । डिप्टी स्पीकर ने दोटूक कहा कि पावर प्लांट प्रबंधन ने किसानों की जमीन लेते वक्त जो वायदा किया था उसे हर हाल में पूरा करना चाहिए। इस शर्त पर किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मरवाही विधायक ने कलेक्टर व पावर प्लांट प्रबंधन से साफ कहा कि हर हाल में भूविस्थापितों को तत्काल नौकरी मिलनी चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो राज्य निर्माण के दिन 1 नवबंर से जंगी आंदोलन की शुरुआत की जाएगी व पावर प्लांट से बिजली उत्पादन नहीं होने दिया जाएगा।

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