मांग अधिक और आपूर्ति कम होने से इमली चढ़ी आसमान पर

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जगदलपुर। इस वर्ष अन्य प्रदेशों में इमली की फसल कम होने तथा लगातार देश सहित विदेशों से बढ़ी मांग ने इमली के मूल्यों को आसमान पर पहुंचा दिया है और बस्तर की इस लाल इमली ने कारोबारियों को भी लाल करना शुरू कर दिया है। उल्लेखनीय है कि आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में इमली की कमजोर फसल और इसके विदेशों में बढ़ी मांग ने बस्तर में इमली के दाम आसमान पर पहुंच गये हैं। बस्तर में अभी इमली आटी (बीजयुक्त इमली) 45 रुपए किलो जबकि बिना बीज की इमली 110 रुपए प्रति किलो पर बिक रही है। इस संबंध में यह विशेष तथ्य है कि इमली के दाम पांच साल के सर्वोच्च शिखर पर हैं। इसके पीछे कारण यह है कि इस साल आंध्र व तमिलनाडु सहित अन्य राज्त्यों में उपज कमजोर है और बस्तर में इसकी पैदावार अच्छी है। इसके अलावा निर्यात भी बड़ी मात्रा में यहां से हो रहा है। इस वर्ष इमली के भावों में गिरावट के आसार नहीं हैं। इमली पांच सालों के दामों के रिकार्ड तोड़ते हुए सर्वोच्च स्तर पर है, बस्तर में यह संभावना व्यक्त की जा रही है कि दो दिनों से हो रही बारिश इस दाम को और भी चढ़ा सकती है। बारिश से कारोबारियों का लाभ बढ़ेगा वहीं पिछले दो दिनों से बस्तर में मौसम बदला हुआ है। रूक-रूक हो रही बारिश से इमली के फसल को तो कोई नुकसान नहीं है लेकिन पेड़ों पर पक चुकी इमली का रंग इसकी वजह से काला हो जाएगा। इससे अब बाजार में जो इमली आएगी उसके दाम में कुछ गिरावट होगी।

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