बोनस तिहार अन्नदाताओं को समर्पित: डॉ. रमन सिंह

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रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दुर्ग जिले के लगभग 50 हजार किसानों के साथ धान का बोनस तिहार मनाया। डॉ. रमन सिंह ने लैपटॉप पर बटन दबाकर कृषि उपज मण्डी परिसर से दुर्ग जिले के 66 हजार किसानों के खातों में 105 करोड़ 62 लाख रूपए का बोनस जमा कर दिया। दूर-दराज से ईलाकों से पहुंचे किसानों ने भी दोनों हाथ उठाकर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का आभार अभिनंदन किया। बोनस मिलने पर जिले के दूर-दराज के इलाकों से भी बड़ी संख्या में आए किसानों के चेहरों पर खुशी की झलक साफ देखी गई। किसानों ने पूरे उत्साह और मन से मुख्यमंत्री को धान बोनस देकर किसानों की इस सूखे जैसी स्थिति में सहायता करने पर आभार और धन्यवाद व्यक्त किया। नवीन कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित बोनस तिहार में मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दुर्ग जिले के विकास के लिए लगभग 199 करोड़ रूपए के 72 निर्माण कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया। बोनस तिहार के साथ ही वहां पंच-सरपंच सम्मेलन भी आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री ने विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा – अन्नदाता किसानों की सभी परिस्थितियों में सहायता करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। डॉ. सिंह ने कहा राज्य में जब भी किसानों को परेशानी हुई है,छत्तीसगढ् सरकार हमेशा उनके साथ खड़े रहकर उनके सुख-दुख में सहभागी रही है। उन्होनंे कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानांे को धान उपजाने से लेकर खरीदने तक हर चरण पर सहायता की है। प्रदेश के किसान जब परेशानी में पड़े तो सबसे पहले धान का बोनस सरकार ने ही किसानों को उपलब्ध कराया। उन्होनंे कहा कि दो साल पहले पड़े सूखे से किसानों को उबारने के लिए पूरे प्रदेश में 1800 करोड़ रूपए की पैकेज सहायता किसानों के लिए मंजूर की गई। उन्होनें कहा भूमि सुधार से लेकर बीज देने, कृषि यंत्र उपलब्ध कराने, खाद-दवा के साथ-साथ बेटियों की शादी तक के लिए सरकार ने किसानों को सहायता दी है और उनके साथ होने का गहरा अहसास कराया है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी छत्तीसगढ़ के किसानों की पीड़ा से पूरी तरह से अवगत है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कम वर्षा और सूखे के हालात में किसानों को राहत पहुंचाने के लिए जब वे प्रधानमंत्री से मिले तो उन्होंने तत्काल धान का बोनस देने की मंजूरी दे दी। डॉ. सिंह ने बताया-2100 करोड़ रूपए बोनस के लिए तत्काल विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर बजट प्रावधान किया गया और अब हर जिले में बोनस तिहार के साथ किसानों को पिछले साल खरीदी गए धान की बोनस राशि वितरित की जा रही है। जिले के कोने-कोने से विशाल संख्या में उपस्थित किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं छत्तीसगढ् सरकार का वर्ष 2016-17 बोनस वितरण करने के लिए हृदय से अभिनंदन किया। कार्यक्रम में जिले के किसानों की बड़ी संख्या में उपस्थिति पर अभिभूत होकर मुख्यमंत्री ने जिले के जनता के विश्वास को कभी टूटने नहीं देने की बात कही। उन्होनें कार्यक्रम में किसानों के बड़ी संख्या में उपस्थित होकर बोनस के लिए दिए जाने वाले धन्यवाद और दुआओं कोे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक पहुंचाने की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कृषकों को आश्वस्त करते हुए करते हुए कहा कि छत्तीसगढ् सरकार केन्द्र सरकार के साथ मिलकर किसानों के हितों की रक्षा के लिए सदैव कृतसंकल्पित है और किसानों की बेहतरी के लिए जो भी बन पड़ेगा सभी कदम उठाये जायेगें।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सरकार ने गरीबों को एक रूपए किलो चांवल, निःशुल्क नमक वितरण ही नहीं बल्कि गांव और घर तक सड़क तथा बिजली पहुंचाने की भी योजनाएं बनायी है और उन्हें सफलता पूर्वक संचालित कर रही है। उन्होंने कहा 2018 तक सभी गांवों के घरों में बिजली पहुंच जाएगी। डॉ. रमन सिंह बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 30 हजार रूपए के ईलाज की सीमा बढ़ाकर 50 हजार रूपए कर दी गई है। गांव की गरीब माताओं-बहनों को चूल्हें के धुएं से मुक्ति दिलाने के लिए प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत पूरे छत्तीसगढ़ में 35 लाख महिलाओं को केवल 200 रूपए पंजीयन शुल्क पर रसोई गैस कनेक्शन वितरण किए जा रहे हैं। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज ऋण, किसानों से 70 लाख मीटरिक टन धान खरीदने का लक्ष्य लेकर सरकार हर वर्ग की खुशहाली के लिए योजनाएं संचालित कर रही है। डॉ. रमन सिंह ने उपस्थित जनसमुदाय से शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की भी अपील कार्यक्रम में की।
पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय ने कहा कि डॉ. रमन सिंह ने किसानों को बोनस देकर घोषणा पत्र के वादे को पूरा किया है। यह बोनस तिहार छत्तीसगढ़ सरकार की किसानों के संवेदनशील का और उनकी बेहतरी के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे, को प्रदर्शित करता है। सुश्री पाण्डेय ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को भी प्रदेश की विकास की योजनाएं बनाने और उन्हें सफलतापूर्वक संचालित कर प्रदेशवासियों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदवाल लाने पर बधाई और शुभकामनाएं दी।
राजस्व एवं आपदा मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय ने बोनस तिहार को सम्बोधित करते हुए कहा कि खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बुनियाद है। किसान के हाथ में जब पैसा रहेगा तो पूरा देश-प्रदेश खुशहाल होगा। उन्होंने कृषि और किसानों की दशा सुधारने पिछले एक दशक में हुए कामों का जिक्र किया। श्री पाण्डेय ने बताया कि अब 50 प्रतिशत आनावारी वाले किसानों को भी सूखा राहत योजना के तहत सहायता दी जाती है। जबकि इसके पहले यह सीमा 33 प्रतिशत थी। राहत प्रदान करने के लिए गांव के एक किसान को एक इकाई माना गया है। इससे पहले पूरे तहसील से सूखा प्रभावित होने पर किसानों को राहत मिलती थी। प्राकृतिक आपदा में दी जाने वाली सहायता राशि डेढ़ लाख रूपए से बढ़ाकर 4 लाख रूपए कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सूखे की हालात से किसानों को उबारने के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध है। यह समय किसानों की बेहतरी के लिए मजबूती से काम करने का है।
समारोह को महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने भी सम्बोधित किया। कलेक्टर उमेश कुमार अग्रवाल ने स्वागत भाषण किया। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री राजेश मूणत, संसदीय सचिव लाभचंद बाफना, विधायक विद्यारतन भसीन एवं सांवला राम डाहरे, अवधेश चंदेल, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलंचदन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती माया बेलचंदन, नगर निगम दुर्ग की महापौर श्रीमती चंद्रिका चन्द्रकार, भिलाई चरोदा निगम की महापौर श्रीमती चंद्रकांता माण्डले, पूर्व मंत्री हेमचंद यादव, और पूर्व संसदीय सचिव विजय बघेल भी उपस्थित थे।

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