भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं बीजापुरवासी

0
29

वर्षों से समस्या निरंतर जारी, सुध लेने वाला कोई नहीं
बीजापुर। गर्मी की शुरूआत होते ही जिले में पानी की समस्या तेजी से बढ़ गई है। जिला मुख्यालय में लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। शासन प्रशासन के अनेक विकास के दावों के बीच वर्षों से चली आ रही पानी की समस्या का सुध लेने वाला वार्डवासियों को नजर नहीं आ रहा है। ऐसा ही एक नजारा हमें देखने को मिला शांतिनगर वार्ड में लोग पानी की एक-एक बूंद को तरस रहे हैं लेकिन आज पर्यन्त तक समस्या का निदान नहीं किया जा सका है। गर्मियों में तो स्थिति बद से बदत्तर हो गई है।
हमने जब शांतिनगर वार्ड के वार्डवासियों से संज्ञान लिया तो विशेषकर महिलाओं ने बताया कि इस वार्ड में पाईप लाईन का काम कई वर्षों से पूरा नहीं हुआ है। वार्डवासी बरसात के वक्त झरिया व कुआं का पानी का उपयोग में लाते हैं। लेकिन गर्मी की शुरू होते ही जिले में पानी की समस्या अत्यधिक बढ़ जाती है। टेंकर द्वारा पानी सप्लाई की जाती है लेकिन यहां के लोगों को जरूरत के अनुरूप पानी नहीं मिलती है। जिससे वार्डवासी टेंकर आने के पहले से ही बाल्टी, टंकी, गुंडी लेकर इंतजार करते हैं, जैेसे ही टेंकर पहुंचता है। लोग अपने घरों से दौड़कर आते हैं और टेंकर के उपर चढ़कर कर पाईप लगाते हैं और पानी भरते हैं। अगर कोई थोड़ी देर से आता है तो उसे पानी की एक बूंद भी नसीब नहीं होती है।
उन्होंने आगे बताया कि टैंकर भी प्रतिदिन नहीं आता है। दो-तीन दिन में एक बार आता है। ऐसे में अगर किसी को पानी नहीं मिला तो उसे पानी लाने दूसरे वार्ड जाना पड़ता है। कभी कभी ऐसा आलम भी होता है कि पानी नहीं मिलने से परिवार के सदस्य भूखे पेट सोने को भी मजबूर हो जाते हैं। मालूम हो कि यह इलाका पूरी तरह से चट्टानों से गिरा हुआ है। यहां कई बोर खुदवाए गए लेकिन भूतल से पानी की सप्लाई नहीं हो पाती है या कुछ दिनों में सूख जाता है।
उल्लेखनीय है कि यहां पानी की ऐसी मारी मारी हो रही है कि लोग पानी को तरस रहे हैं। इस संबंध में वार्डवासी कई बार स्थानीय प्रतिनिधि व जिला प्रशासन से गुहार लगाई पर आज पर्यन्त तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो सका है। उन्होंने शासन प्रशासन से अपील की है कि उनकी इस गंभीर समस्या को ध्यान देते हुए कोई सकारात्मक पहल करने की मांग कर रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here