बेरोजगारों को रोड रोलर के लिए कर्ज दिलाएगी सरकार

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                                प्रत्येक जनपद स्तर पर दो रोड रोलर खरीदवाएंगे
भोपाल। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग प्रदेश के बेरोजगारों को रोड रोलर खरीदवाने के लिए अपनी गारंटी पर बैंकों से लोन दिलवाएगा। इन युवाओं को विभाग के सड़क निर्माण से जुड़े काम भी सौंपे जाएंगे, ताकि बैंक की किस्त समय पर चुका सकें। मालूम हो कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मनरेगा में सुदूर संपर्क सड़क और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के माध्यम से मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हजारों किलोमीटर की सड़क बनवा रहा है। लोक निर्माण विभाग, सड़क विकास निगम, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क सहित अन्य योजनाओं में भी बड़े पैमाने पर प्रदेश में सड़कें बन रही हैं। इन कार्यों के लिए प्रदेश में जितनी तादाद में रोड रोलर की जरूरत होती है, उतने नहीं हैं। इसका असर सड़कों के कामों पर पड़ता है। इसे देखते हुए दो दिन पहले ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधीक्षण और कार्यपालन यंत्रियों की बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने हर जनपद पंचायत स्तर पर दो-दो रोड रोलर बेरोजगारों को बैंक से कर्ज दिलाकर खरीदवाने की योजना को लागू करने के निर्देश दिए थे।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि करीब तीन-चार साल पहले भी ये विचार आया था, लेकिन क्रियान्वित नहीं हो सका। विभाग के पास खेत सड़क से लेकर अन्य सड़कों का काम बढ़ गया है। इसे देखते हुए तय किया गया है कि हर जनपद पंचायत के स्तर पर दो रोड रोलर का इंतजाम करवाया जाएगा। इससे न सिर्फ युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि सड़कों के काम में गुणवत्ता भी आएगी। अभी सुदूर संपर्क सड़क में औपचारिकता ही होती है। जबकि ये ग्रेवल सड़कें हैं। इन पर आगे चलकर डामरीकरण किया जाएगा, इसलिए इन पर रोलिंग होना बहुत जरूरी है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़कों का डामरीकरण शुरू हो गया है। इस संदर्भ में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव का कहना है कि हमारे पास सड़कों का बहुत काम है। नई व्यवस्था में लागत कम और स्व-रोजगार के अवसर ज्यादा हैं। एक रोड रोलर आठ-दस लाख में आएगा। इतनी राशि तो एक साल में निकल आएगी।

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