मेक्सिको सिटी में आए विनाशकारी भूकंप में 138 लोगों की मौत

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मैक्सिको सिटी। मैक्सिको सिटी में मंगलवार को आए शक्तिशाली भूकंप से दो करोड़ लोगों की आबादी वाला शहर थर्रा गया। सन 1985 के विनाशकारी भूकंप की 32 वीं बरसी पर आए इस भूकंप में प्रथमिक खबरों के अनुसार 139 लोगों की मौत हुई है। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण के अनुसार भूकंप की तीव्रता 7.1 थी, जबकि मैक्सिको के सीस्मोलॉजिकल इंस्टीट्यूट के अनुसार भूकंप की तीव्रता 6.8 थी।
संस्थान ने बताया भूकंप का केंद्र पड़ोसी प्यूब्ला प्रांत में चियाउतला डि तापिया से सात किलोमीटर पश्चिम में था। भूकंप की वजह से दहशत में आए लोग सड़कों पर निकल आए। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। घनी आबादी वाली मैक्सिको सिटी और आसपास के राज्यों में भूकंप की वजह से देखते ही देखते कई इमारतें ध्वस्त हो गईं और हर ओर मलबा ही मलबा नजर आने लगा। मेयर मिगुएल एंजल मानसेरा ने बताया अकेले राजधानी में 44 इमारतें ध्वस्त हुई हैं।
बचावकर्मियों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान शुरू किया है। शहर के दक्षिण में एक प्राथमिक स्कूल की इमारत आंशिक रूप से ध्वस्त हो गई है। बचाव कर्मी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि उसमें कोई बच्चा तो नहीं फंसा है। कुछ परिजन ने बताया कि उन्हें अंदर फंसी दो लड़कियों के व्हाट्सएप संदेश मिले हैं। ज्ञात हो कि मैक्सिको में वर्ष 1985 में इसी तिथि को भीषण भूकंप आया था, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे। इस भूकंप से ठीक दो सप्ताह पहले देश के दक्षिण में आए एक अन्य शक्तिशाली भूकंप में 90 लोग मारे गए थे। राष्ट्रीय असैन्य रक्षा एजेंसी के प्रमुख लुइस फेलिप पुएन्टे ने मंगलवार की रात एक ट्वीट कर पुष्टि की कि भूकंप में 139 लोगों की मौत हो गई है। उन्होंने ट्वीट में कहा मैक्सिको सिटी के दक्षिण में मोरेलास राज्य में 64 लोगों की मौत हुई है। स्थानीय अधिकारियों ने यहां मृतक संख्या 54 बताई है। पुएन्टे ने बताया इसके अलावा राजधानी में 36 लोग, पुएब्ला राज्य में 29 लोग, मैक्सिको राज्य में नौ और गुएरेरो राज्य में एक व्यक्ति की मौत हुई है।
मानसेरा ने बताया मैक्सिको सिटी में नागरिकों और आपात सहायता कर्मियों ने 50 से 60 लोगों को जीवित निकाला है। अधिकारियों ने बताया राजधानी में कम से कम 70 घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। संघीय गृह मंत्री मिगुएल एंजेल ओसोरियो चोंग ने बताया कि अधिकारियों को अब भी मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। उन्होंने बताया मलबे की प्रकृति की वजह से खोज अभियान की गति धीमी है।

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