मोटापे से ग्रस्त लोग स्वाइन फ्लू से रहें सावधान

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मौसम में लगातार आ रहे बदलावों के बीच ही स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है। यह अन्य लोगों के मुकाबले तीन गुना ज्यादा होता है। स्वाइन फ्लू एक प्रकार संक्रामक रोग है जो सीधे हमारी श्वसन प्रणाली पर हमला बोलता है। यह संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में आसानी से पहुंच जाता है। इस रोग से ग्रस्त रोगियों की कभी-कभी जान भी चली जाती है। हाल ही में हुए एक रिसर्च में यह दावा किया गया है कि ऐसे लोग जो मोटापे से ग्रस्त होते हैं उनमें स्वाइन फ्लू का खतरा अन्य लोगों के मुकाबले तीन गुना ज्यादा होता है। शोध में यह भी कहा गया है कि ऐसे लोगों में स्वाइन फ्लू से मौत का खतरा भी काफी अधिक होता है।
शोध से जुड़े एक शोधकार बताते हैं कि जिनका बॉडी मास इंडेक्स 40 से ज्यादा होता है, ऐसे लोग मोटे लोगों की श्रेणी में गिने जाते हैं। इन लोगों में मोटापे की वजह से डायबिटीज, शुगर, बीपी जौसी कई बीमारियां पहले से ही होती हैं। ऐसे में इनमें स्वाइन फ्लू के संक्रमण से लड़ने की क्षमता काफी कम हो जाती है। संक्रमण से लड़ते-लड़ते इनके फेफड़ों पर अतिरिक्त भार पड़ता है जिसकी वजह से व्यक्ति की जान जाने का खतरा काफी बढ़ जाता है। शोधकारों का कहना है कि मोटे लोगों में स्वाइन फ्लू का संक्रमण होने की वजह से उनमें वो कोशिकाएं काम करना बंद कर देती हैं जो इंफ्लूएंजा से लड़ने में सहायक होती हैं।
शोध से जुड़े एक डॉक्टर का कहना है कि इस समय इंफ्लूएंजा से बचाव के लिए टीकाकरण के अलावा कोई चारा नहीं है। फ्लू से रक्षा के लिए यही उपचार फिलहाल उपयोग में लाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मोटापे से ग्रस्त लोगों में इंफ्केशन से लड़ने वाली टी कोशिकाएं टीके के विपरीत प्रतिक्रिया देती हैं। इस स्थिति में ऐसे लोग अपनी आदतों में बदलाव लाकर, व्यायाम, योग आदि से अपना बताव कर सकते हैं। स्वाइन फ्लू वायरस के कारण मानव श्वसन प्रणाली को प्रभावित करने वाला संक्रमण है जो बड़ी तादाद में लोगों की अपनी चपेट में ले रहा है।

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